रोहन ने 2020 में यूक्रेन के कीव में आयोजित वर्ल्ड कप पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 90 किलोग्राम भार वर्ग में डेडलिफ्ट और बेंच प्रेस स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था। इसके अलावा वे वर्ल्ड स्ट्रेंथ लिफ्टिंग चैंपियनशिप के कई संस्करणों में भी पदक जीत चुके हैं।
रोहन शाह पावरलिफ्टिंग और स्ट्रेंथ लिफ्टिंग दोनों स्पर्धाओं में सक्रिय हैं। वे वर्ष 2019 से लगातार अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। रोहन ने 2020 में यूक्रेन के कीव में आयोजित वर्ल्ड कप पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 90 किलोग्राम भार वर्ग में डेडलिफ्ट और बेंच प्रेस स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था। इसके अलावा वे वर्ल्ड स्ट्रेंथ लिफ्टिंग चैंपियनशिप के कई संस्करणों में भी पदक जीत चुके हैं। रोहन का जन्म 3 अक्टूबर 1991 को बिलासपुर में हुआ। उनके परिवार में खेलों का माहौल पहले से रहा है। उनके पिता राजेश शाह ने इंडियन रेलवे की ओर से बैडमिंटन में प्रतिनिधित्व किया था। बचपन से ही खेलों से जुड़े माहौल में पले-बढ़े रोहन ने शुरुआती दिनों में कई खेलों में भाग लिया। स्कूल और स्टेट लेवल पर उन्होंने स्विमिंग, वाटर पोलो और हैंडबॉल जैसे खेल खेले। वे सीबीएसई नेशनल लेवल स्विमिंग चैंपियनशिप में भी अपने स्कूल का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। यही अनुभव आगे चलकर उनकी फिटनेस और मानसिक मजबूती की नींव बना। समय के साथ रोहन का झुकाव ताकत आधारित खेलों की ओर हुआ। उन्होंने पावरलिफ्टिंग और स्ट्रेंथ लिफ्टिंग को अपना मुख्य खेल चुना और कोच सुरिसेट्टी कुमार के मार्गदर्शन में नियमित ट्रेनिंग शुरू की। इन खेलों में टेक्नीक, संतुलन और मानसिक एकाग्रता बेहद अहम होती है, जिस पर रोहन ने लगातार काम किया। रोहन शाह ने वर्ष 2019 में थाईलैंड में आयोजित वर्ल्ड स्ट्रेंथ लिफ्टिंग चैंपियनशिप में भाग लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई, जहां उन्होंने सिल्वर मेडल हासिल किए। इसके बाद 2020 में उन्होंने यूक्रेन में आयोजित वर्ल्ड कप पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो गोल्ड मेडल जीते। वर्ष 2022 में रोहन ने किर्गिस्तान में आयोजित वर्ल्ड स्ट्रेंथ लिफ्टिंग चैंपियनशिप में सीनियर कैटेगरी में हिस्सा लिया और स्ट्रेंथ लिफ्टिंग तथा इन्क्लाइन बेंच प्रेस स्पर्धाओं में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए। इसके बाद 2023 में उन्होंने नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित इंटरनेशनल स्ट्रेंथ लिफ्टिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता। इसी साल हैदराबाद में आयोजित 10वीं वर्ल्ड स्ट्रेंथ लिफ्टिंग और इन्क्लाइन बेंच प्रेस चैंपियनशिप में उन्होंने दो सिल्वर मेडल हासिल किए। रोहन शाह का प्रदर्शन इसके बाद भी जारी रहा। वर्ष 2024 में कजाकिस्तान में आयोजित वर्ल्ड स्ट्रेंथ लिफ्टिंग चैंपियनशिप में उन्होंने एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल जीता। वहीं 2025 में थाईलैंड में आयोजित इसी चैंपियनशिप में उन्होंने एक गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीतकर अपने अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड को और मजबूत किया। पावरलिफ्टिंग के अलावा रोहन शाह ने एथलेटिक्स में भी अपनी क्षमता दिखाई है। वर्ष 2021 में वाराणसी में आयोजित तीसरी नेशनल मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने शॉटपुट स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। खेल मैदान के बाहर भी रोहन सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वर्ष 2024 में उन्होंने टीईडीएक्स मंच पर अनुशासन और करियर ट्रांजिशन जैसे विषयों पर अपनी बात रखी। वहीं नवंबर 2025 में उन्होंने लंदन स्थित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के केबल कॉलेज में आयोजित ग्लोबल लीडरशिप समिट को संबोधित किया, जहां वे छत्तीसगढ़ से बोलने वाले पहले व्यक्ति बने। रोहन शाह की प्रमुख उपलब्धियां ● वर्ल्ड स्ट्रेंथ लिफ्टिंग चैंपियनशिप 2019, थाईलैंड: सिल्वर ● वर्ल्ड कप पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2020, यूक्रेन: दो गोल्ड ● वर्ल्ड स्ट्रेंथ लिफ्टिंग चैंपियनशिप 2022, किर्गिस्तान: ब्रॉन्ज ● इंटरनेशनल स्ट्रेंथ लिफ्टिंग चैंपियनशिप 2023, नेपाल: गोल्ड ● वर्ल्ड स्ट्रेंथ लिफ्टिंग चैंपियनशिप 2024, कजाकिस्तान: सिल्वर, ब्रॉन्ज ● वर्ल्ड स्ट्रेंथ लिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025, थाईलैंड: गोल्ड, सिल्वर पावरलिफ्टिंग और स्ट्रेंथ लिफ्टिंग क्या है? पावरलिफ्टिंग और स्ट्रेंथ लिफ्टिंग ताकत आधारित खेल हैं, जिनमें खिलाड़ी अपनी शारीरिक क्षमता, तकनीक और अनुशासन का प्रदर्शन करता है। पावरलिफ्टिंग में मुख्य रूप से तीन लिफ्ट शामिल होती हैं, स्क्वाट, बेंच प्रेस और डेडलिफ्ट। प्रतियोगिताओं में खिलाड़ी तय नियमों के अनुसार इन लिफ्ट्स में अधिकतम वजन उठाने का प्रयास करता है। वहीं स्ट्रेंथ लिफ्टिंग में डेडलिफ्ट, इन्क्लाइन बेंच प्रेस और अन्य ताकत आधारित लिफ्ट्स शामिल होती हैं, जहां कुल वजन के साथ तकनीकी शुद्धता को भी महत्व दिया जाता है। इन खेलों में ताकत के साथ बैलेंस, टेक्नीक, बॉडी कंट्रोल और मानसिक एकाग्रता की अहम भूमिका होती है। दोनों खेलों के फर्क को सरल शब्दों में समझाते हुए रोहन शाह कहते हैं, “पावरलिफ्टिंग में स्क्वाट, बेंच प्रेस और डेडलिफ्ट जैसी लिफ्ट्स शामिल होती हैं, जबकि स्ट्रेंथ लिफ्टिंग में डेडलिफ्ट और इन्क्लाइन बेंच प्रेस जैसी स्पर्धाओं पर अधिक ध्यान दिया जाता है।” खिलाड़ी नियमित ट्रेनिंग, संतुलित डाइट और रिकवरी के माध्यम से खुद को उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करता है। मानसिक तैयारी को अहम बताते हुए रोहन शाह कहते हैं, “पावरलिफ्टिंग और स्ट्रेंथ लिफ्टिंग में मुकाबले के समय फोकस बहुत मायने रखता है। सही मानसिक स्थिति से ही खिलाड़ी अपनी पूरी क्षमता दिखा पाता है।” पावरलिफ्टिंग और स्ट्रेंथ लिफ्टिंग में भारतीय खिलाड़ियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। क्या है आगे का लक्ष्य रोहन शाह का कहना है कि उनका लक्ष्य आने वाले वर्षों में भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के लिए लगातार बेहतर प्रदर्शन करना है। इसके साथ ही वे युवाओं को पावरलिफ्टिंग और स्ट्रेंथ लिफ्टिंग जैसे खेलों से जोड़ने पर भी काम करना चाहते हैं। रोहन बताते हैं कि भविष्य में वे बिलासपुर और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में इस खेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बच्चों और युवाओं के लिए एक ऐसा मंच या बड़ी प्रतियोगिता आयोजित करने की दिशा में प्रयास करना चाहते हैं, जिससे अधिक से अधिक खिलाड़ी इस खेल से जुड़ सकें और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर मिलें। छत्तीसगढ़ जैसे राज्य से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने वाले रोहन शाह की यात्रा यह दर्शाती है कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के दम पर खिलाड़ी वैश्विक मंच पर अपनी जगह बना सकते हैं।
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